(सय्यद नकी हसन)
ठाणे:कल्याण के गोविंद वाड़ी स्थित मास्टर बंगले में सय्यद अब्दुल मजीद एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनाई की शहादत की याद में एक मजलिस (शोक सभा) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना नजीबुल हसन ज़ैदी ने कहा कि अयातुल्लाह खामनाई ने हमेशा सत्य और न्याय का साथ दिया। उन्होंने अपने सिद्धांतों और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर संघर्ष किया और कभी भी अमेरिका तथा इज़रायल जैसी ताकतों के सामने नहीं झुके।

कार्यक्रम में ईरान कॉन्सुलेट मुंबई के निदेशक रेज़ा फ़ज़ल भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सैयद अली खामनाई और ईरान का भारत से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने भारत और ईरान की प्राचीन सभ्यताओं का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के मजबूत रिश्तों पर जोर दिया। साथ ही डोनाल्ड ट्रम्प के भारत को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की सभ्यता को समझे बिना ऐसे बयान देना उचित नहीं है।
मजलिस के अंत में देश और दुनिया में अमन-चैन, एकता और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई।
